राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केंद्र

जैवप्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की स्वायत्त संस्था

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समाचार


कार्यक्रम


मानवीय, प्राणि एवं पादप माईकोप्लाज्मा पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी और माईकोप्लाज्मा/फ़ाईटोप्लाज्मा की सुरागरसी, कल्टीवेशन एवं वर्गीकरण पर कार्यशाला। 2-5 दिसंबर, 2019 (विस्तृत विवरण)


घोषणा

डॉ. रेणु स्वरूप, सचिव, डीबीटी ने  23 अगस्त, 2019 को पुणे बायोटेक्नॉलोजी क्लस्टर का उद्घाटन किया। फोटो
पुणे बायो-क्लस्टर के बारे में अधिक जानिए

 

भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी(इंडियन नैशनल सायन्स एकादमी) के फेलो के रूप में चुनाव होने पर डॉ. मोहन वाणी का हार्दिक अभिनंदन !

 

डॉ.मनोज कुमार भट ने 11.06.2019 से निदेशक, एनसीसीएस का कार्यभार संभाल लिया है।

 

घोषणा के लिए यहाँ क्लीक करें ।




राकोविकें (एनसीसीएस) के बारे में


राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केन्द्र (एनसीसीएस), भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सहायता प्राप्त एक स्वायत्त संगठन है, जिसे देश में कोशिका जीव विज्ञान अनुसंधान की सुविधा के लिए स्थापित किया गया था।

 

एनसीसीएस, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) के शैक्षणिक रूप से समृद्ध परिसर के भीतर स्थित है। अपनी स्थापना के बाद से, एनसीसीएस कोशिका जीव विज्ञान में अत्याधुनिक अनुसंधान कर रहा है, जो राष्ट्रीय जीव कोशिका भंडार के रूप में मूल्यवान सेवाएं प्रदान कर रहा है, और विभिन्न शिक्षण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से मानव संसाधन विकास का समर्थन कर रहा है। विशेष रूप से कर्करोग, चयापचय संबंधी विकार, संक्रामक रोग और पुनर्योजी चिकित्सा आदि महत्वपूर्ण मानव स्वास्थ्य मुद्दों को संबोधित करते हुए कोशिका जीव विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी अनुसंधान में एनसीसीएस सबसे आगे रहा है। एनसीसीएस में चल रहे अनुसंधान में कोशिका जीवविज्ञान, कोशिकीय संकेतन, स्टेम सेल जीवविज्ञान, प्रतिरक्षाविज्ञान, जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स, सिस्टम बायोलॉजी, संरचनात्मक जीवविज्ञान, और सूक्ष्मजैविक पारिस्थितिकी सहित आधुनिक और पारंपरिक विषयों को एकीकृत करने वाले दृष्टिकोणों के माध्यम से इन चुनौतीपूर्ण स्वास्थ्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।  एनसीसीएस के वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए योगदान ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशन एवं पद्मश्री, शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, राष्ट्रीय जीव विज्ञान पुरस्कार तथा स्वर्णजयंती फैलोशिप सहित पुरस्कारों की प्राप्ति के माध्यम से दुनिया भर में मान्यता प्राप्त की है ।

 





हमारा अनुसंधान


शैक्षिक विशेषताएँ


हमारे नवीनतम अनुसंधान एवं विकास से संबंधित खबरे

व्यावसायिकरण के लिए उपलब्द्ध तकनीकें एवं प्रौद्योगिकियाँ...अधिक जानिए

प्रकाशन

एनसीसीएस बुनियादी जीव विज्ञान के सभी क्षेत्रों में अग्रणी, अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में अपने काम प्रकाशित करती है। अधिक जानकारी के लिए ऊपर आइकन पर क्लिक करें।

प्रौद्योगिकी

एनसीसीएस में विकसित कई प्रौद्योगिकियां, व्यावसायीकरण के लिए उपलब्ध हैं। कृपया उपरोक्त आइकन पर क्लिक करके देखें।

अद्यतन समाचार

अद्यतन दिनांक : January, 1970

समय-समय पर एनसीसीएस का काम राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकट होता है। ताजा खबर के लिए ऊपर क्लिक करें

सुविधाएं

एनसीसीएस में अत्याधुनिक सुविधाएँ - इमेजिंग, मास-स्पेक्ट्रोमिटर और अन्य सेल एनालाइजर है। ऊपर आइकन पर क्लिक करके देखें।

विविध


करियर और अवसर


आधुनिक जीवविज्ञान के सभी क्षेत्रों में अनुसंधान कार्य एवं पीएच.डी करने के अवसर एनसीसीएस में प्राप्त किए जा सकते है। सामान्य सूचना के उद्देश्य से इस कार्यक्रम की छोटी सी रूपरेखा नीचे दी गई है। इस कार्यक्रमांतर्गत आवश्यकतानुसार छात्र यहाँ प्रवेश ले सकते हैं तथा ये प्रवेश केवल विज्ञापनों के जरिए लिए जा सकते है। आवश्यकतानुसार विज्ञापनों का प्रकाशन आवधिक तौर पर किया जाता है। आवश्यक शैक्षिक योग्यता में विज्ञान की किसी भी शाखा में मास्टर की उपाधि तथा सीएसआइआर, युजीसी, डीबीटी, इन्स्पायर आदि की अध्येतावृत्ति होना जरूरी है।

 

स्टाफ


संपर्क


राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केंद्र
एनसीसीएस कॉम्प्लेक्‍स, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर,
पुणे -411 007
महाराष्ट्र राज्य, भारत,
दूरभाष - +91-20-25708000, फॅक्‍स- +91-20-25692259.


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