राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केंद्र

जैवप्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की स्वायत्त संस्था

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समाचार


कार्यक्रम

हम सम्मानित हैं कि, लेफ्टिनंट जनरल माधुरी कानिटकर, उपमुख्य समन्वयक रक्षा सेवा (चिकित्सा), एनसीसीएस के 32 वें स्थापना दिवस के मुख्य अतिथि रहीं। 
पहली बार, हमने इस विशेष दिन को एक आभासी सभा के साथ मनाया। (फोटोग्राफ्स और समाचार लेख यहांँ देखें)


डॉ. तात्याराव लहाने, निदेशक, डीएमईआर, महाराष्ट्र सरकार, ने कोविड के 10000 परीक्षणों के पूरा होने के अवसर पर एनसीसीएस को संबोधित किया-
(रेकार्डिंग यहाँ देखें)

घोषणा

डॉ. वैजयंती काळे और डॉ. मेघना कानिटकर का हार्दिक अभिनंदन !
प्रो. जयेश बेल्लारे और अमित कुमार जैसवाल, आईआईटी बॉम्बे, के सहयोग से फाईल किया हुआ उनका पेटेंट "इलेक्ट्रोस्पन नैनो-फाइबर स्कैफोल्ड फॉर रिपेअर ऑफ स्किन लेजन्स " आईपीओ द्वारा ग्रांट हुआ है (यहां देखे)।

 

डॉ. आकांक्षा चतुर्वेदी का अभिनंदन !
SARS-CoV2-संक्रमित रोगियाों में एंटीबॉडी प्रतिक्रिया की गतिशीलता का अध्ययन करने के लिए मिलतेनी बायोटेक एशिआ पैसिफिक द्वारा पुरस्कृत एमएसीएस प्रोजेक्ट ग्रांट 2021 प्राप्त करने हेतु डॉ. चतुर्वेदी का चयन हुआ है। 

 

हमारे भूतपूर्व छात्र डॉ. अनंत बुराडा का हार्दिक अभिनंदन !

अनंत को इंडिया अलायन्स डीबीटी/ वेलकम ट्रस्ट अर्ली करिअर फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। 
वह आईआईएससी में डॉ. अरविंद पेनमात्सा के साथ कार्य करेंगे। 
हम उनके सफल करियर की शुभकामना करते हैं। 

 

डॉ. अरविंद साहू का हार्दिक अभिनंदन !
डॉ. साहू द्वारा पेनसिल्वानिया विश्वविद्यालय में पहचाने गए एंटी- C3 पेप्टाइड, कॉम्पस्टेटिन को युएस एफडीए द्वारा एक दुर्धर रक्त व्याधि- पैरॉक्सिस्मल नोक्टर्नल हिमोग्लोबिनुरिया (पीएनएच)  से पीडित वयस्कों के ईलाज के लिए अनुमोदित किया गया है। 

 

डॉ. अजय पिल्ले का हार्दिक अभिनंदन!
डॉ. पिल्ले को डीबीटी/ वेलकम ट्रस्ट इंडिया अलायन्स द्वारा आइआरएमआइ रिसर्च मैनेजमेंट ग्रांट से पुरस्कृत किया गया है।

डॉ. अमेय बेन्द्रे और डॉ. एकता शुक्ला का हार्दिक अभिनंदन!
डॉ. बेन्द्रे (डॉ. जनेश कुमार के ग्रुप से) और डॉ. शुक्ला (डॉ. राधा चौहान के ग्रुप से) को एसपीपीयु, पुणे में आयोजित इन्फेक्शियस डिसीजेस एंड इम्युनोलोजी पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में मौखिक प्रस्तुती के लिए क्रमशः प्रथम और तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

डॉ. मोहन वाणी का हार्दिक अभिनंदन !
डॉ. वाणी का नैशनल एकादमी ऑफ मेडिकल सायन्सेस (इंडिया) के फेलो के रूप में चुनाव हुआ है।

डॉ. शैलजा सिंह का हार्दिक अभिनंदन!
डॉ. सिंह प्लॉस वन (PloS One) के शैक्षिक संपादक (एकादमिक एडिटर) के रूप में नियुक्त हुई है।

अभिनंदन याशिका अग्रवाल !
याशिका को डीएसटी के ऑगमेंटिंग राइटिंग स्किल्स फॉर आर्टिक्युलेटिंग रिसर्च  ( AWSAR)  के तहत पीए  .डी श्रेणी में 'बेस्ट स्टोरीज' अवसर 2020 ( AWSAR 2020) पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

डॉ. अरविंद साहू का अभिनंदन !
डॉ. साहू, बोर्ड ऑफ मॉलेक्युलर इनेट इम्युनिटी (फ्रंटीयर्स इन इम्युनोलोजी का विशेष अनुभाग) के सहयोगी संपादक के रूप में नामित हुए हैं।


डॉ. जनेश कुमार और उनकी टीम के नेचर स्ट्रक्चरल एंड मॉलेक्युलर बायोलॉजी में प्रकाशित शोध को 'ईएसआरएफ हाइलाइट्स 2020' में चित्रित किया गया है (यहाँ पढ़ें)
इसे पिछले साल यूरोपियन सिंक्रोट्रॉन रेडिएशन फैसिलिटी (ईएसआरएफ) में अन्वेषण किए गए सबसे रोमांचक विषयों में से एक के रूप में चुना गया था।


डॉ. योगेश शौचे का हार्दिक अभिनंदन !
वर्ल्ड फेडरेशन फॉर कल्चर कलेक्शन्स (डब्लूएफसीसी) कार्यकारी बोर्ड के नामित सदस्य के रूप में डॉ. शौचे चुने गए है। 


साहबराम देवाला का हार्दिक अभिनंदन !
साहबराम ने इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटोरोलॉजी के वार्षिक सम्मेलन में यंग इनवेस्टिगेटर एवार्ड प्राप्त किया और ग्लूटेन-डिग्रेडिंग माइक्रोब्ज पर अपने काम के लिए पहला स्थान हासिल किया।


नैशनल एकेडमी ऑफ साइन्सेज, इंडिया (नासी) के फेलो के रूप में चुने जाने के लिए डॉ. मानस कुमार संत्रा को हार्दिक बधाई!


डॉ. जनेश कुमार और उनकी टीम को बधाई !
उनके हाल ही में प्रकाशित शोध को हाल के दिनों में युरोपियन सिंक्रोट्रोन रेडिएशन फैसिलिटी (ईएसआरएफ) में जांच किए गए सबसे रोमांचक विषयों में से एक के रूप में चुना गया ।
उनके हाल ही में प्रकाशित शोध को हाल के दिनों में युरोपियन सिंक्रोट्रोन रेडिएशन फैसिलिटी (ईएसआरएफ) में जांच किए गए सबसे रोमांचक विषयों में से एक के रूप में चुना गया


डॉ. योगेश शौचे का अभिनंदन!
डॉ. योगेश भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (इन्सा) के फेलो के रूप में चुने गए है।


डॉ. ओम प्रकाश शर्मा का अभिनंदन!
एनसीसीएस-एनसीएमआर में परियोजना वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत डॉ. ओम प्रकाश को मेथानोआर्किआ की आईसीएसपी उपसमिति का अध्यक्ष चुना गया है।


डॉ. शैलजा सिंह और रितिका काबरा को बधाई। कोविड से संबंधित उनके शोध पर आधारित उनका पेपर 'बीबीए मॉलेक्युलर बेसिस ऑफ डिसीज' में प्रकाशन के लिए स्वीकार किया गया है।(यहाँ पढ़ें)


डॉ. अरविंद साहू को बधाई!
डॉ. साहू को एसईआरबी द्वारा जे. सी. बोस नैशनल फैलोशिप से सम्मानित किया गया है।


डॉ. जनेश कुमार को बधाई! डॉ. जैनेश और उनके ग्रुप का शोध (बुराडा एट अल, 2020) अल्मेट्रिक द्वारा बनाए गए सभी शोध आउटपुट के शीर्ष 5% में से एक है।


डॉ. जोमन जोसेफ को बधाई!
डॉ. जोमन जोसेफ का 'गुहा रिसर्सच कॉन्फरन्स के सदस्य ' 
के रूप में चुनाव हुआ है!


डॉ योगेश शौचे को सिस्टीमैटिक्स ऑफ प्रोकरयोट्स  की अंतर्राष्ट्रीय समिति के कार्यकारी बोर्ड के लिए चुने जाने के लिए बधाई!


डॉ.जनेश कुमार और उनकी टीम का एक और महत्वपूर्ण ब्रेन रिसेप्टर को डिकोड करने हेतु हार्दिक अभिनंदन। उनके निष्कर्ष नेचर स्ट्रक्चरल एंड मॉलेक्युलर बायोलोजी में प्रकाशित हुए हैं: क्लिक करे


डॉ. श्रीकांत रापोले का हार्दिक अभिनंदन !
डॉ. रापोले को इंडियन सोसाइटी फॉर मास स्पेक्ट्रोमेट्री द्वारा 'प्रख्यात मास स्पेक्ट्रोमेट्रिस्ट एवार्ड' से सम्मानित किया गया। 


घोषणा के लिए यहाँ क्लीक करें ।




राकोविकें (एनसीसीएस) के बारे में


राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केन्द्र (एनसीसीएस), भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सहायता प्राप्त एक स्वायत्त संगठन है, जिसे देश में कोशिका जीव विज्ञान अनुसंधान की सुविधा के लिए स्थापित किया गया था।

 

एनसीसीएस, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) के शैक्षणिक रूप से समृद्ध परिसर के भीतर स्थित है। अपनी स्थापना के बाद से, एनसीसीएस कोशिका जीव विज्ञान में अत्याधुनिक अनुसंधान कर रहा है, जो राष्ट्रीय जीव कोशिका भंडार के रूप में मूल्यवान सेवाएं प्रदान कर रहा है, और विभिन्न शिक्षण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से मानव संसाधन विकास का समर्थन कर रहा है। विशेष रूप से कर्करोग, चयापचय संबंधी विकार, संक्रामक रोग और पुनर्योजी चिकित्सा आदि महत्वपूर्ण मानव स्वास्थ्य मुद्दों को संबोधित करते हुए कोशिका जीव विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी अनुसंधान में एनसीसीएस सबसे आगे रहा है। एनसीसीएस में चल रहे अनुसंधान में कोशिका जीवविज्ञान, कोशिकीय संकेतन, स्टेम सेल जीवविज्ञान, प्रतिरक्षाविज्ञान, जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स, सिस्टम बायोलॉजी, संरचनात्मक जीवविज्ञान, और सूक्ष्मजैविक पारिस्थितिकी सहित आधुनिक और पारंपरिक विषयों को एकीकृत करने वाले दृष्टिकोणों के माध्यम से इन चुनौतीपूर्ण स्वास्थ्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।  एनसीसीएस के वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए योगदान ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशन एवं पद्मश्री, शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, राष्ट्रीय जीव विज्ञान पुरस्कार तथा स्वर्णजयंती फैलोशिप सहित पुरस्कारों की प्राप्ति के माध्यम से दुनिया भर में मान्यता प्राप्त की है ।

 





हमारा अनुसंधान


शैक्षिक विशेषताएँ


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प्रकाशन

एनसीसीएस बुनियादी जीव विज्ञान के सभी क्षेत्रों में अग्रणी, अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में अपने काम प्रकाशित करती है। अधिक जानकारी के लिए ऊपर आइकन पर क्लिक करें।

प्रौद्योगिकी

एनसीसीएस में विकसित कई प्रौद्योगिकियां, व्यावसायीकरण के लिए उपलब्ध हैं। कृपया उपरोक्त आइकन पर क्लिक करके देखें।

अद्यतन समाचार

अद्यतन दिनांक : January, 1970

समय-समय पर एनसीसीएस का काम राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकट होता है। ताजा खबर के लिए ऊपर क्लिक करें

सुविधाएं

एनसीसीएस में अत्याधुनिक सुविधाएँ - इमेजिंग, मास-स्पेक्ट्रोमिटर और अन्य सेल एनालाइजर है। ऊपर आइकन पर क्लिक करके देखें।

विविध


करियर और अवसर


आधुनिक जीवविज्ञान के सभी क्षेत्रों में अनुसंधान कार्य एवं पीएच.डी करने के अवसर एनसीसीएस में प्राप्त किए जा सकते है। सामान्य सूचना के उद्देश्य से इस कार्यक्रम की छोटी सी रूपरेखा नीचे दी गई है। इस कार्यक्रमांतर्गत आवश्यकतानुसार छात्र यहाँ प्रवेश ले सकते हैं तथा ये प्रवेश केवल विज्ञापनों के जरिए लिए जा सकते है। आवश्यकतानुसार विज्ञापनों का प्रकाशन आवधिक तौर पर किया जाता है। आवश्यक शैक्षिक योग्यता में विज्ञान की किसी भी शाखा में मास्टर की उपाधि तथा सीएसआइआर, युजीसी, डीबीटी, इन्स्पायर आदि की अध्येतावृत्ति होना जरूरी है।

 

स्टाफ


संपर्क


राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केंद्र
एनसीसीएस कॉम्प्लेक्‍स, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर,
पुणे -411 007
महाराष्ट्र राज्य, भारत,
दूरभाष - +91-20-25708000, फॅक्‍स- +91-20-25692259.


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